📰 सच की दुनिया
कविता | लेख | खबर
Home
कविता
समाचार
Friday, 10 September 2021
बहार आई / अकबर इलाहाबादी
बहार आई, मये-गुल्गूँ के फ़व्वारे हुए जारी
यहाँ सावन से बढ़कर साक़िया फागुन बरसता है
फ़रावानी हुई दौलत की सन्नाआने योरप में
यह अब्रे-दौरे-इंजन है कि जिससे हुन बरसता है
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
📱 WhatsApp
📘 Facebook
🐦 X
© सच की दुनिया
No comments:
Post a Comment