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बज़ाहिर प्यार की दुनिया में जो नाकाम होता है / अदम गोंडवी

बज़ाहिर प्यार की दुनिया में जो नाकाम होता है कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता है ज़हर देते हैं उसको हम कि ले जाते हैं सूली पर यही हर दौर ...

काम कोई मुझे बाकी नहीं / अकबर इलाहाबादी

काम कोई मुझे बाकी नहीं मरने के सिवा
कुछ भी करना नहीं अब कुछ भी न करने के सिवा

हसरतों का भी मेरी तुम कभी करते हो ख़याल
तुमको कुछ और भी आता है सँवरने के सिवा

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